MP Atithi Shikshak Registration Process 2026: GFMS Portal 3.0 पर नया रजिस्ट्रेशन कैसे करें

Last updated on 03 Sep 2026, 06:56 PM IST by Shubham Mishra

यदि आप मध्य प्रदेश में D.El.Ed या B.Ed करने के बाद सरकारी स्कूल में पढ़ाने का अनुभव लेना चाहते हैं, तो अतिथि शिक्षक (GFMS) व्यवस्था आपके लिए एक बेहतरीन और व्यावहारिक विकल्प हो सकती है।

मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर अध्यापन कार्य जारी रखने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा यह प्रक्रिया पूरी तरह से GFMS (Guest Faculty Management System) पोर्टल के जरिए ऑनलाइन संचालित की जाती है।

यदि आप नियमित शिक्षक भर्ती की तैयारी के साथ-साथ प्रैक्टिकल टीचिंग अनुभव लेना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स, पात्रता और स्कोर कार्ड की पूरी जानकारी आपके काम आएगी।

मुख्य विवरण

विवरणतथ्य / जानकारी
विभागलोक शिक्षण संचालनालय (DPI), स्कूल शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश
आधिकारिक पोर्टलGuest Faculty Management System (GFMS 3.0 / gfms.educationportal3.in)
पद वर्गवर्ग-1 (उच्च माध्यमिक), वर्ग-2 (माध्यमिक), वर्ग-3 (प्राथमिक)
मूल योग्यता12वीं / स्नातक / स्नातकोत्तर + D.El.Ed / B.Ed (पदानुसार)
चयन का आधारडिजिटल स्कोर कार्ड (अकादमिक अंक + अनुभव + MP TET वेटेज) मेरिट
नियुक्ति का स्वरूपपूर्णतः अस्थायी (चालू अकादमिक सत्र या नियमित शिक्षक आने तक)

वर्गवार शैक्षणिक योग्यता

अतिथि शिक्षक पैनल में शामिल होने के लिए पद के अनुसार निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक व व्यावसायिक अर्हता होना जरूरी है:

  • वर्ग-1 (उच्च माध्यमिक शिक्षक):
    • संबंधित विषय में न्यूनतम द्वितीय श्रेणी में स्नातकोत्तर (Post Graduation)।
    • किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से B.Ed की डिग्री।
  • वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक):
    • संबंधित मुख्य विषय में न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातक (Graduation)।
    • B.Ed या दो वर्षीय D.El.Ed डिप्लोमा।
  • वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक):
    • न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं (हायर सेकेंडरी) उत्तीर्ण।
    • प्रारंभिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा (D.El.Ed) अथवा समकक्ष मान्य योग्यता।

MP TET की भूमिका: अतिथि शिक्षक के रूप में नया रजिस्ट्रेशन करने के लिए MP TET पास होना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, यदि आपने MP TET क्वालिफाई कर रखा है, तो स्कोर कार्ड जनरेट करते समय आपको अतिरिक्त वेटेज (बोनस अंक) मिलता है, जिससे स्कूल स्तर की मेरिट में आपका नाम ऊपर आने की संभावना बढ़ जाती है।

ऑनलाइन आवेदन और स्कोर कार्ड जनरेशन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

MP Atithi Shikshak Registration Process के GFMS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से लेकर स्कूल में जॉइनिंग तक का पूरा सफर इन चरणों में पूरा होता है:

1. नवीन यूजर रजिस्ट्रेशन:

GFMS 3.0 पोर्टल पर जाकर अपना एक्टिव मोबाइल नंबर दर्ज करें। मोबाइल पर आए OTP के जरिए अपना पासवर्ड बनाएं और लॉगिन आईडी एक्टिवेट करें।

2. ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करें:

पोर्टल पर अपनी समग्र आईडी और पहचान विवरण दर्ज करके e-KYC की प्रक्रिया पूरी करें। ध्यान रखें कि पहचान पत्र में आपका नाम और जन्मतिथि वही होनी चाहिए जो आपकी 10वीं की बोर्ड मार्कशीट में दर्ज है।

3. शैक्षणिक व अनुभव विवरण दर्ज करना:

10वीं से लेकर उच्चतम योग्यता (Graduation, PG, D.El.Ed, B.Ed) के कुल अंक और प्राप्तांक ध्यानपूर्वक भरें। यदि आपने पिछले सत्रों में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य किया है, तो अपने अनुभव प्रमाण पत्र की जानकारी भी जोड़ें।

4. संकुल केंद्र (Sankul) पर दस्तावेज़ सत्यापन:

ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट निकालें। अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और उनकी सेल्फ-अटेस्टेड फोटोकॉपी लेकर नजदीकी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (संकुल प्राचार्य कार्यालय) जाएं। वहां नोडल अधिकारी आपके मूल दस्तावेजों से ऑनलाइन पोर्टल के डेटा का मिलान कर सत्यापन (Verify) करेंगे।

5. डिजिटल स्कोर कार्ड डाउनलोड:

जैसे ही संकुल से आपका वेरिफिकेशन अप्रूव होगा, आपकी प्रोफाइल में डिजिटल स्कोर कार्ड अनलॉक हो जाएगा। इसमें आपकी योग्यता और विषयवार कुल स्कोर दिखेगा।

6. रिक्तियों के आधार पर आवेदन:

पोर्टल पर ‘Vacancies’ विकल्प में जाकर अपने जिले या ब्लॉक के स्कूलों में खाली पद देखें। जहां पद खाली हो, वहां जाकर अपने स्कोर कार्ड की कॉपी के साथ आवेदन पत्र सीधे स्कूल प्रबंधन समिति (SMC/SMDC) को सौंपें।

Also Read : MP Me Sports Quota Jobs List मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का गाइड

MP Atithi Shikshak Registration Process

मानदेय संरचना

मध्य प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित वर्तमान मानदेय संरचना इस प्रकार है:

पद वर्गस्तर / कक्षा समूहनिर्धारित मासिक मानदेय
वर्ग-1उच्च माध्यमिक (कक्षा 11वीं एवं 12वीं)₹18,000 प्रति माह
वर्ग-2माध्यमिक (कक्षा 6वीं से 8वीं)₹14,000 प्रति माह
वर्ग-3प्राथमिक (कक्षा 1ली से 5वीं)₹13,000 प्रति माह

अतिथि शिक्षकों का मानदेय सीधे ट्रेजरी और संकुल के माध्यम से बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है। इसलिए फॉर्म भरते समय हमेशा वही बैंक खाता दर्ज करें जो चालू हो और जिसमें DBT (Direct Benefit Transfer) एक्टिवेट हो। मानदेय का भुगतान महीने की कार्यप्रणाली, उपस्थिति पत्रक और सरकारी बजट आवंटन के अनुसार किया जाता है।

जमीनी हकीकत: फायदे, चुनौतियां और सीमाएं

इस पद के लिए आवेदन करने से पहले इसके सकारात्मक पहलुओं और वास्तविक सीमाओं को जरूर समझ लें:

प्रमुख फायदे

  • टीचिंग का व्यावहारिक अनुभव: सरकारी स्कूल के अकादमिक माहौल और सिलेबस को सीधे समझने का मौका मिलता है।
  • परमानेंट भर्ती में 25% आरक्षण: मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के जरिए होने वाली नियमित शिक्षक भर्तियों में उन अतिथि शिक्षकों के लिए 25% पदों के आरक्षण का प्रावधान रहता है, जिन्होंने न्यूनतम 3 शैक्षणिक सत्र और 200 कार्यदिवस पूरे किए हों।
  • गृह क्षेत्र में काम की सुविधा: आमतौर पर अपने घर के पास के स्कूल में ही अध्यापन का मौका मिल जाता है, जिससे आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखना आसान रहता है।

वास्तविक चुनौतियां

  • पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था: यह नियमित सरकारी नौकरी नहीं है। किसी भी समय उस पद पर नियमित शिक्षक की पदस्थापना या ट्रांसफर होने पर अतिथि शिक्षक की सेवाएं तत्काल समाप्त हो जाती हैं।
  • सत्र-आधारित कार्य: यह व्यवस्था केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए होती है। नया सत्र शुरू होने पर रिक्तियों के अनुसार दोबारा आवेदन और मेरिट प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
  • भुगतान में विलंब: कई बार प्रशासनिक या बजट की देरी के कारण मासिक मानदेय आने में समय लग सकता है।

फॉर्म भरते समय इन सामान्य गलतियों से बचें :

  1. मोबाइल नंबर न बदलें: जिस नंबर से रजिस्ट्रेशन करें, उसे हमेशा एक्टिव रखें; पासवर्ड रीसेट और विभागीय सूचनाएं उसी नंबर पर आती हैं।
  2. संकुल वेरिफिकेशन न भूलना: सिर्फ ऑनलाइन फॉर्म भर देने से प्रक्रिया पूरी नहीं होती। जब तक संकुल प्राचार्य पोर्टल पर अप्रूवल नहीं देंगे, आपका स्कोर कार्ड जनरेट नहीं होगा और आप किसी भी स्कूल में जॉइनिंग के पात्र नहीं होंगे।
  3. सटीक विषय चयन: वर्ग-1 और वर्ग-2 के लिए अपने ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन के मुख्य विषय (Core Subject) का चयन पोर्टल के नियमों के अनुसार ही करें। गलत विषय चुनने पर वेरिफिकेशन के दौरान फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ’s)

1. क्या पहले से रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों को फिर से नया रजिस्ट्रेशन करना होगा?

नहीं। पुराने अभ्यर्थियों को नया रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होती। आपको केवल अपनी पुरानी लॉगिन आईडी से GFMS पोर्टल पर लॉगिन करके ‘Unlock Profile’ करना होता है और नई योग्यता या अनुभव जोड़कर संकुल से पुनः सत्यापन कराना होता है।

2. एक अभ्यर्थी कितने स्कूलों में अपना स्कोर कार्ड दे सकता है?

आप अपनी सुविधा अनुसार एक से अधिक स्कूलों में रिक्तियों के विरुद्ध आवेदन और स्कोर कार्ड जमा कर सकते हैं। हालांकि, मेरिट सूची में नाम आने पर जॉइनिंग केवल एक ही स्कूल में मान्य होगी।

3. अगर ई-केवाईसी (e-KYC) में डेटा मिसमैच की समस्या आए तो क्या करें?

अगर आपके पहचान पत्र और 10वीं की अंकसूची में नाम, पिता के नाम या जन्मतिथि की स्पेलिंग में अंतर है, तो पहले पहचान पत्र में सुधार करवाएं ताकि दोनों का डेटा एक जैसा हो सके।

4. संकुल में वेरिफिकेशन कराने के कितने दिन बाद स्कोर कार्ड आता है?

संकुल प्राचार्य द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन अप्रूवल देते ही सामान्यतः 24 से 48 घंटे के भीतर स्कोर कार्ड पोर्टल पर जनरेट हो जाता है, जिसे आप प्रोफाइल से सीधे डाउनलोड कर सकते हैं।

लेखक: शुभम मिश्रा फाउंडर एवं लेखक – Bhartiprep.com

मैं शुभम मिश्रा, Bhartiprep.com का संस्थापक हूँ। पिछले 7+ वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर गाइडेंस के जरिए उम्मीदवारों की मदद कर रहा हूँ। मेरा मुख्य काम जटिल भर्ती नियमों, फॉर्म भरने के तरीकों, सिलेबस और सैलरी स्ट्रक्चर की बिल्कुल सटीक जानकारी आप तक पहुँचाना है, ताकि तैयारी में कोई कंफ्यूजन न रहे। किसी भी सवाल या अपडेट्स के लिए आप मुझसे WhatsApp पर जुड़ सकते हैं।

Leave a Comment