आप अगर मध्य प्रदेश में D.El.Ed या B.Ed करने के बाद सरकारी स्कूल में पढ़ना चाहते हैं या अनुभव लेना चाहते हैं, तो अतिथि शिक्षक (GFMS) व्यवस्था एक अच्छा मौका हो सकता है।
मध्य प्रदेश में शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों और अतिथि शिक्षक के भर्ती को पूरा करने या उस कार्य के प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए GFMS (Guest Faculty Management System) पोर्टल के जरिए ऑनलाइन अप्लाई करना ही मुख्य कार्य हैं।
अगर आप नियमित शिक्षक भर्ती की तैयारी के साथ-साथ प्रैक्टिकल टीचिंग अनुभव लेना चाहते हैं, तो नीचे दिए गये सभी स्टेप की पूरी जानकारी ले सकते हैं।
मुख्य विवरण
| विभाग | लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), स्कूल शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश |
| आधिकारिक पोर्टल | Guest Faculty Management System (GFMS 3.0 / gfms.educationportal3.in) |
| पद वर्ग | वर्ग-1 (उच्च माध्यमिक), वर्ग-2 (माध्यमिक), वर्ग-3 (प्राथमिक) |
| योग्यता | 12वीं / स्नातक / स्नातकोत्तर + D.El.Ed / B.Ed (पदानुसार) |
| चयन का आधार | डिजिटल स्कोर कार्ड (अकादमिक अंक + अनुभव + MP TET वेटेज) मेरिट |
| नियुक्ति का स्वरूप | पूर्णतः अस्थायी (चालू अकादमिक सत्र या नियमित शिक्षक आने तक) |
वर्गवार शैक्षणिक योग्यता
अतिथि शिक्षक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पद के अनुसार निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक होना जरूरी है जैसे की :
वर्ग-1 (उच्च माध्यमिक शिक्षक):
| संबंधित विषय में न्यूनतम द्वितीय श्रेणी में स्नातकोत्तर (Post Graduation)। |
| किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से B.Ed की डिग्री। |
वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक):
| संबंधित मुख्य विषय में न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातक (Graduation)। |
| B.Ed या दो वर्षीय D.El.Ed डिप्लोमा। |
वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक):
| न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं (हायर सेकेंडरी) उत्तीर्ण। |
| प्रारंभिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा (D.El.Ed) अथवा समकक्ष मान्य योग्यता। |
MP TET की भूमिका: जैसा की अधिकारिक दौर पर हैं की अतिथि शिक्षक के रूप में नया रजिस्ट्रेशन करने के लिए MP TET पास होना अनिवार्य नहीं है।
हालांकि, यदि आपने MP TET क्वालिफाई कर लिया है, तो स्कोर कार्ड जनरेट करते समय आपको अतिरिक्त वेटेज (बोनस अंक) मिल सकता है, जिससे स्कूल स्तर की मेरिट में आपका नाम ऊपर आने की संभावना बढ़ सकती है।
ऑनलाइन आवेदन और स्कोर कार्ड जनरेशन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
अतिथि शिक्षक पंजीकरण प्रक्रिया और GFMS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से लेकर स्कूल में जॉइनिंग तक का प्रोसेस नीचे दी गई स्टेप से ही होता है:
Step 1. नई यूजर रजिस्ट्रेशन:
सबसे पहले GFMS 3.0 पोर्टल पर जाकर अपना एक्टिव मोबाइल नंबर डाले के भर दे,फिर जो मोबाइल पर आए OTP उसके के जरिए अपना पासवर्ड बनाएं और लॉगिन आईडी एक्टिवेट करें यानि अकाउंट बना लें

Step 2. ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करें:
फिर जो अपने ID बनाई थी पोर्टल पर उसमे अपनी सभी आईडी और पहचान की जानकारी दर्ज करके e-KYC की प्रक्रिया पूरी करें ले । ध्यान रखें कि पहचान पत्र में आपका नाम और जन्मतिथि वही होनी चाहिए जो आपकी 10वीं की बोर्ड मार्कशीट में है।
Step 3. शैक्षणिक व अनुभव विवरण भरना :
10वीं से लेकर उच्चतम योग्यता (Graduation, PG, D.El.Ed, B.Ed तक) सभी के कुल अंक और प्राप्तांक ध्यानपूर्वक भरें। यदि आपने पिछले सत्रों में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य किया है, तो अपने अनुभव प्रमाण पत्र की जानकारी भी जोड़ें सकते हैं।
Step 4. संकुल केंद्र पर दस्तावेज़ सत्यापन करना :
ऑनलाइन फॉर्म भरने और सबमिट करने के बाद पूरा प्रोसेस करने के बाद प्रिंटआउट निकाल ले, उसके बाद अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और उनकी सेल्फ-अटेस्टेड फोटोकॉपी लेकर नजदीकी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (संकुल प्रधान कार्यालय) जाएं।
वहां नोडल अधिकारी आपके मूल दस्तावेजों से ऑनलाइन पोर्टल के डेटा का मिलान कर सत्यापन (Verify) करेगा उसके बाद ही प्रोसेस आगे बढेगा ।
Step 5. डिजिटल स्कोर कार्ड डाउनलोड करना :
जैसे ही संकुल के द्वारा आपका वेरिफिकेशन अप्रूव यानि पूरा होगा, आपकी प्रोफाइल में डिजिटल स्कोर कार्ड अनलॉक हो जाएगा। इसमें आपकी योग्यता और विषयवार के अनुसार कुल स्कोर दिखेगा।
Step 6. रिक्तियों के आधार पर आवेदन करना होगा :
पोर्टल पर ‘Vacancies’ विकल्प में जाकर अपने जिले या ब्लॉक केअनुसार अगर भर्तिया आई हैं तो उसमे में खाली पद कितने हैं वह देखें। फिर जहां पद खाली हो, वहां जाकर अपने स्कोर कार्ड की कॉपी के साथ आवेदन पत्र सीधे स्कूल प्रबंधन समिति (SMC/SMDC) को सौंपें या जमा कर दें ।
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मानदेय संरचना
मध्य प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित सैलरी या वर्तमान मानदेय संरचना कुछ इस प्रकार है:
| पद वर्ग | स्तर / कक्षा समूह | निर्धारित मासिक मानदेय |
| वर्ग-1 | उच्च माध्यमिक (कक्षा 11वीं एवं 12वीं) | 18,000 प्रति माह |
| वर्ग-2 | माध्यमिक (कक्षा 6वीं से 8वीं) | 14,000 प्रति माह |
| वर्ग-3 | प्राथमिक (कक्षा 1ली से 5वीं) | 13,000 प्रति माह |
Note : ऐसा पहले सी होता आ रहा हैं, की अतिथि शिक्षकों का मानदेय सीधे ट्रेजरी और संकुल के माध्यम से बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है।
इसलिए एक बात हमेसा आप याद रखे की जब आप फॉर्म भरते समय वही बैंक खाता का अकाउंट नो भरे जो चालू हो और जिसमें DBT (Direct Benefit Transfer) एक्टिवेट हो।
और जिसका KYC पूरा हो, मानदेय का भुगतान महीने की कार्यप्रणाली, उपस्थिति पत्रक और सरकारी बजट के अनुसार किया जाता है।
जमीनी हकीकत: फायदे, चुनौतियां और सीमाएं
इस पद के लिए आवेदन करने से पहले इसके सकारात्मक पहलुओं और वास्तविक सीमाओं को जरूर समझ लें बाद में ऐसा न हो की आपको जानकारी न हो और गलतिया कर ले :
प्रमुख फायदे :
| टीचिंग का व्यावहारिक अनुभव | जैसे की आपको पता ही होगा कि सरकारी स्कूल के अकादमिक माहौल और सिलेबस को सीधे समझने का मौका मिलता है। |
| परमानेंट भर्ती में 25% आरक्षण का होना | मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के जरिए होने वाली नियमित शिक्षक भर्तियों में उन सभी अतिथि शिक्षकों के लिए 25% पदों के आरक्षण का प्रावधान रहता है, जिन्होंने न्यूनतम 3 शैक्षणिक सत्र और 200 कार्यदिवस पूरे किए हों उनका शिक्षक बन्ने का मौका मिलता हैं। |
| गृह क्षेत्र में काम की सुविधा होना | आमतौर पर अपने घर के पास के स्कूल में ही पढ़ाने का मौका मिल जाता है, और साथ ही जिससे आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखना आसान रहता है। |
वास्तविक चुनौतियां :
| पूर्णत रूप से अस्थायी व्यवस्था: | जैसा की आप जानते होंगे की यह नियमित सरकारी नौकरी तो नहीं है। किसी भी समय उस पद पर नियमित शिक्षक की पदस्थापना या ट्रांसफर होने पर अतिथि शिक्षक की सेवाएं तत्काल समाप्त हो ही जाती हैं। |
| सत्र-आधारित कार्य करना | यह व्यवस्था केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए होती है। नया सत्र शुरू होने पर रिक्तियों के अनुसार दोबारा आवेदन और मेरिट प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। |
| भुगतान में विलंब का होना | कई बार प्रशासनिक या बजट में देरी होने के कारण मासिक मानदेय आने में समय लग सकता है। |
फॉर्म भरते समय इन सामान्य गलतियों करने से बचें :
| मोबाइल नंबर न बदलें | जिस नंबर से आपने रजिस्ट्रेशन किआ जो नंबर आपने ID में दिया था , उसे हमेशा एक्टिव रखें; पासवर्ड रीसेट और विभागीय सूचनाएं उसी नंबर पर आती हैं। |
| संकुल वेरिफिकेशन करना न भूलना | सिर्फ ऑनलाइन फॉर्म भर देने से प्रक्रिया पूरी नहीं होती। जब तक संकुल प्राचार्य पोर्टल पर अप्रूवल नहीं देंगे, आपका स्कोर कार्ड जनरेट ही नहीं होगा और आप किसी भी स्कूल में जॉइनिंग के पात्र नहीं हों पाएंगे । |
| सटीक विषय चयन करना | वर्ग-1 और वर्ग-2 के लिए अपने ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन के मुख्य विषय (Core Subject) का चयन पोर्टल के नियमों के अनुसार ही करना चाइए । गलत विषय चुनने पर वेरिफिकेशन के दौरान फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ’s)
1. क्या पहले से रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों को फिर से नया रजिस्ट्रेशन करना होगा?
नहीं, पुराने अभ्यर्थियों को नया रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होती हैं । आपको केवल अपनी पुरानी लॉगिन आईडी से पोर्टल पर लॉगिन करके ‘Unlock Profile’ करना होता है और नई योग्यता या अनुभव जोड़कर संकुल से फिर से सत्यापन कराना जरूरी होता है।
2. एक अभ्यर्थी कितने स्कूलों में अपना स्कोर कार्ड दे सकता है?
आप अपनी सुविधा अनुसार एक से भी अधिक स्कूलों में रिक्तियों के लिए आवेदन और स्कोर कार्ड जमा कर सकते हैं। लेकिन , मेरिट सूची में नाम आने पर जॉइनिंग केवल एक ही स्कूल में मिलेगा ।
3. अगर ई-केवाईसी (e-KYC) में डेटा मिसमैच की समस्या आए तो क्या करें?
अगर आपके पहचान पत्र और 10वीं की अंकसूची में आपका नाम, पिता के नाम या जन्मतिथि की स्पेलिंग में अंतर है, तो पहले पहचान पत्र में सुधार करवाएं ताकि बाद में दोनों का डेटा एक जैसा हो सके नही फॉर्म रिजेक्ट भी हो सकता हैं ।
4. संकुल में वेरिफिकेशन कराने के कितने दिन बाद स्कोर कार्ड आता है?
संकुल प्राचार्य द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन अप्रूवल देते ही सामान्यतः 24 से 48 घंटे के भीतर ही आपका स्कोर कार्ड पोर्टल पर जनरेट हो जाता है, जिसे आप प्रोफाइल से सीधे डाउनलोड कर सकते हैं।
मैं शुभम मिश्रा, Bhartiprep.com का संस्थापक हूँ। लगभग 2021 से प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर गाइडेंस के लिए उम्मीदवारों की मदद कर रहा हूँ। मेरा मुख्य काम भर्ती के नियमों, फॉर्म भरने के तरीकों, सिलेबस और सैलरी स्ट्रक्चर की बिल्कुल सटीक जानकारी आप तक पहुँचाना है, ताकि तैयारी में आपको कोई कंफ्यूजन न रहे। किसी भी सवाल या जवाब के लिए आप मुझसे WhatsApp पर जुड़ सकते हैं।