MP Samvida Shala Shikshak Grade 3 Syllabus 2026: PDF Exam Pattern

Last updated on 04 Sep 2026, 11:17 AM IST by Shubham Mishra

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MP ESB) द्वारा आयोजित होने वाली प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (वर्ग 3) प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5) में शिक्षक बनने की अनिवार्य सीढ़ी है। तैयारी शुरू करने से पहले अधिकांश अभ्यर्थियों के मन में दो बड़े सवाल होते हैं: पहला, परीक्षा का सही स्वरूप क्या है? और दूसरा, 150 अंकों के इस विस्तृत पाठ्यक्रम को किस क्रम में तैयार किया जाए ताकि समय रहते रिवीज़न भी पूरा हो सके?

यह गाइड आधिकारिक पाठ्यक्रम, परीक्षा संरचना और विषय-वार व्यावहारिक समझ पर केंद्रित है, जिससे आप बिना भटके अपनी तैयारी को सही दिशा दे सकें।

MP वर्ग 3 परीक्षा का विवरण 2026

मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पात्रता परीक्षा पहला चरण है। इसे उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही आगे आयोजित होने वाली मुख्य चयन परीक्षा में बैठने के पात्र होते हैं।

परीक्षा पैरामीटरआधिकारिक विवरण
परीक्षा बोर्डमध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MP ESB / पूर्व PEB)
परीक्षा का नाममध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP Primary TET / वर्ग 3)
पद स्तरप्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5)
परीक्षा मोडकंप्यूटर आधारित ऑनलाइन टेस्ट (CBT)
प्रश्नों के प्रकारवस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
कुल प्रश्न / कुल अंक150 प्रश्न / 150 अंक
परीक्षा अवधि2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट)
मार्किंग स्कीमप्रत्येक सही उत्तर पर 1 अंक; कोई नकारात्मक अंकन (Negative Marking) नहीं
प्रश्न पत्र की भाषाद्विभाषी (हिंदी एवं अंग्रेजी)

MP वर्ग 3 परीक्षा पैटर्न

प्रश्न पत्र 5 अनिवार्य खंडों में विभाजित होता है। प्रत्येक खंड 30 अंकों का है, जिसमें विषय की मूल सामग्री (Subject Content) और उसके शिक्षणशास्त्र (Pedagogy) दोनों का संतुलन रखा जाता है।

क्र.सं.विषयप्रश्नों की संख्याकुल अंक
1.बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy)3030
2.भाषा 1 (हिंदी / अंग्रेजी / संस्कृत / उर्दू आदि में से चुनी गई)3030
3.भाषा 2 (भाषा 1 से भिन्न भाषा का चयन)3030
4.गणित (Mathematics)3030
5.पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies)3030
कुल150150

न्यूनतम अर्हता अंक (Qualifying Marks): अनारक्षित (UR) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 60% (90 अंक) तथा आरक्षित श्रेणियों (SC/ST/OBC/दिव्यांग/EWS) के लिए न्यूनतम 50% (75 अंक) प्राप्त करना अनिवार्य होता है।

MP Samvida Shala Shikshak Grade 3 Syllabus PDF

विस्तृत विषय-वार पाठ्यक्रम

1. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (30 अंक)

यह खंड केवल रटने का नहीं, बल्कि प्राथमिक स्तर के बच्चे की मानसिक व सामाजिक समझ की परख करता है।

  • बाल विकास की अवधारणा (15 अंक): विकास की अवस्थाएं, शारीरिक व मानसिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक, वंशानुक्रम और वातावरण का प्रभाव, समाजीकरण प्रक्रिया, पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की के रचनावादी व संज्ञानात्मक सिद्धांत, बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा।
  • समावेशी शिक्षा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (5 अंक): वंचित वर्ग, भाषाई-सांस्कृतिक विविधता, सीखने की कठिनाइयों (Dyslexia, Dysgraphia आदि) से जूझ रहे बच्चे तथा प्रतिभाशाली बालकों की पहचान।
  • अधिगम और शिक्षाशास्त्र (10 अंक): बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, अभिप्रेरणा (Motivation) का अधिगम पर प्रभाव, संज्ञान और संवेग, बच्चों की त्रुटियों को समझने के तरीके।

2. भाषा 1 (अनिवार्य माध्यम भाषा – सामान्यतः हिंदी) (30 अंक)

  • भाषाई समझ / अपठित गद्यांश (15 अंक): दो अपठित गद्यांश/पद्यांश (साहित्यिक, वैज्ञानिक या वर्णनात्मक) जिनमें से गद्य के भावार्थ, व्याकरण और शब्दावली पर आधारित प्रश्न होंगे। प्रमुख व्याकरण बिंदु: संधि, समास, विलोम, पर्यायवाची, तत्सम-तद्भव, वाक्य शुद्धि और मुहावरे।
  • भाषा शिक्षणशास्त्र (15 अंक): भाषा अधिगम और अर्जन, भाषा शिक्षण के सिद्धांत, भाषाई कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना – LSRW), शिक्षण सामग्री (TLM), सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) तथा उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)।

3. भाषा 2 (अंग्रेजी / संस्कृत / अन्य) (30 अंक)

  • Comprehension & Vocabulary (15 अंक): अपठित उद्धरण, मूल व्याकरण (Parts of Speech, Tenses, Prepositions, Voice, Narration आदि या संस्कृत के संदर्भ में धातु रूप, शब्द रूप, कारक व प्रत्यय)।
  • भाषा शिक्षणशास्त्र (15 अंक): दूसरी भाषा सीखने की चुनौतियां, भाषा विकास में त्रुटियों की भूमिका, मूल्यांकन विधियां।
MP Samvida Shala Shikshak Grade 3 Syllabus

4. गणित (30 अंक)

प्राथमिक शिक्षक के लिए गणित का उद्देश्य जटिल सवाल हल करना नहीं, बल्कि बुनियादी गणितीय सोच विकसित करना है।

  • विषय वस्तु (15 अंक):
    • संख्या पद्धति (Number System): प्राकृतिक संख्याएं, पूर्ण संख्याएं, भिन्न, स्थानीय मान।
    • अंकगणितीय संक्रियाएं: जोड़, घटाव, गुणा, भाग, LCM एवं HCF।
    • व्यावहारिक गणित: समय, भार, धारिता (आयतन), मुद्रा मापन, लाभ-हानि और साधारण ब्याज के प्राथमिक स्तर के प्रश्न।
    • ज्यामिति एवं क्षेत्रमिति: 2D आकृतियों (त्रिभुज, आयत, वर्ग) की परिमिति एवं क्षेत्रफल।
  • गणित शिक्षणशास्त्र (15 अंक): गणित की तार्किक प्रकृति, पाठ्यचर्या में गणित का स्थान, गणित की भाषा, कक्षा में मूल्यांकन और त्रुटि विश्लेषण।

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5. पर्यावरण अध्ययन – EVS (30 अंक)

वर्ग 3 में EVS का दायरा पारंपरिक सामाजिक विज्ञान और सामान्य विज्ञान दोनों को जोड़ता है।

  • विषय वस्तु (20 अंक):
    • परिवार और मित्र (संबंध, खेल, आवास)।
    • भोजन, पोषण और स्वास्थ्य (विटामिन, संतुलित आहार, स्वच्छता)।
    • पानी, वायु और प्राकृतिक संसाधन (प्रदूषण और संरक्षण)।
    • जीव-जंतु और पादप जगत (पारिस्थितिकी तंत्र, स्थानीय पेड़-पौधे)।
    • अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science): भारत के अंतरिक्ष मिशन, उपग्रह, सौरमंडल और खगोलीय पिंड (MP TET के पिछले पेपर्स में इस भाग से अच्छे प्रश्न देखे गए हैं)।
  • EVS शिक्षणशास्त्र (10 अंक): पर्यावरण अध्ययन का उद्देश्य, क्रियाकलाप, प्रोजेक्ट कार्य, सतत मूल्यांकन और प्रयोगशाला/क्षेत्रीय भ्रमण की भूमिका।

सामान्य गलतियां जिनसे बचना चाहिए :

  1. पेडागोजी को नजरअंदाज करना: कई अभ्यर्थी केवल गणित के फॉर्मूले या व्याकरण के नियम पढ़ते रहते हैं और प्रत्येक विषय के 15 अंकों के शिक्षणशास्त्र को छोड़ देते हैं। पेडागोजी ही इस परीक्षा का सबसे मजबूत स्कोरिंग आधार है।
  2. EVS में स्पेस साइंस को छोड़ना: मध्य प्रदेश वर्ग 3 के पर्यावरण खंड में अंतरिक्ष विज्ञान और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसे सामान्य EVS से अलग मानकर न छोड़ें।
  3. परीक्षा हॉल में गलत भाषा चुनना: CBT टेस्ट के दौरान Language 1 और Language 2 के प्रश्नों को हल करते समय ध्यान रखें कि आपने आवेदन पत्र में जिस भाषा को जिस क्रम में चुना था, कंप्यूटर स्क्रीन पर उसी खंड के प्रश्न हल करें।

तैयारी का सही क्रम और योजना :

  1. शुरुआत बाल विकास (CDP) से करें: सबसे पहले पियाजे, वायगोत्स्की, कोहलबर्ग और अधिगम के सिद्धांतों को समझें। जब आप यह समझ जाएंगे कि बच्चा कैसे सीखता है, तो बाकी चारों विषयों की पेडागोजी (जो कुल मिलाकर लगभग 60-70 अंक बनाती है) को समझना अपने आप आसान हो जाएगा।
  2. कांसेप्ट के साथ NCERT का तालमेल: भाषा, गणित और EVS के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की पाठ्यपुस्तकों को आधार बनाएं।
  3. Previous Year Questions (PYQ) का विश्लेषण: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करते समय केवल सही विकल्प पर न रुकें; यह देखें कि बाकी तीन विकल्प किस सिद्धांत या नियम से जुड़े हैं। इससे एक ही प्रश्न से चार अवधारणाएं स्पष्ट होती हैं।
  4. ऑनलाइन मॉक टेस्ट और समय प्रबंधन: 150 मिनट में 150 प्रश्न पढ़ना और हल करना होता है। चूंकि परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) है, इसलिए स्क्रीन पर लंबे पेडागोजी के प्रश्नों और गद्यांशों को पढ़कर उत्तर देने का पूर्व अभ्यास जरूरी है।

MP Varg 3 Syllabus से जुड़े सामान्य प्रश्न

क्या MP Varg 3 में नेगेटिव मार्किंग होती है?

वर्तमान पात्रता परीक्षा नियमों के अनुसार इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक दिया जाता है।

क्या इस परीक्षा में अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी शामिल हो सकते हैं?

हां, अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी पात्रता नियमों को पूरा करने पर आवेदन कर सकते हैं, हालांकि वे सामान्य/अनारक्षित श्रेणी के तहत ही पात्र माने जाते हैं।

पात्रता परीक्षा पास करने के बाद क्या सीधे नियुक्ति मिलती है?

नहीं। पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना केवल पहले चरण की अर्हता है। इसके बाद शिक्षा विभाग या जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विज्ञापित रिक्तियों के आधार पर आयोजित होने वाली चयन परीक्षा (Selection Exam) में शामिल होकर मेरिट में आना होता है।

तैयारी के लिए प्राथमिक स्तर की किताबों का क्या महत्व है?

MP TET का पाठ्यक्रम NCERT और राज्य शिक्षा केंद्र के प्राथमिक पाठ्यक्रम पर आधारित होता है। अवधारणाओं की स्पष्टता और बुनियादी शब्दावली के लिए कक्षा 3 से 8 तक की सरकारी पाठ्यपुस्तकें सबसे प्रामाणिक स्रोत हैं।

लेखक: शुभम मिश्रा फाउंडर एवं लेखक – Bhartiprep.com

मैं शुभम मिश्रा, Bhartiprep.com का संस्थापक हूँ। पिछले 7+ वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर गाइडेंस के जरिए उम्मीदवारों की मदद कर रहा हूँ। मेरा मुख्य काम जटिल भर्ती नियमों, फॉर्म भरने के तरीकों, सिलेबस और सैलरी स्ट्रक्चर की बिल्कुल सटीक जानकारी आप तक पहुँचाना है, ताकि तैयारी में कोई कंफ्यूजन न रहे। किसी भी सवाल या अपडेट्स के लिए आप मुझसे WhatsApp पर जुड़ सकते हैं।

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