MPPSC Syllabus in Hindi 2026: प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा का संपूर्ण पाठ्यक्रम, नया पैटर्न

Last updated on 04 Sep 2026, 01:03 PM IST by Shubham Mishra

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) राज्य सेवा परीक्षा में सफलता के लिए केवल अधिक घंटे पढ़ना काफी नहीं है; इसके लिए परीक्षा योजना, अंकों के विभाजन और पाठ्यक्रम की आंतरिक संरचना की सटीक समझ होना अनिवार्य है। बिना आधिकारिक पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न का विश्लेषण किए सीधे संदर्भ पुस्तकें पढ़ना समय और प्रयास दोनों को व्यर्थ करता है।

यह गाइड MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2026 के लिए प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) परीक्षा के आधिकारिक स्वरूप, विशेष रूप से मेन्स प्रश्नपत्र-1 के यूनिट-वार विभाजन और व्यावहारिक तैयारी दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

Table of Contents

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा संरचना एवं चयन प्रक्रिया

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा तीन क्रमिक चरणों में संपन्न होती है:

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination): यह बहुविकल्पीय (MCQ) आधारित स्क्रीनिंग परीक्षा है। इसका उद्देश्य केवल मुख्य परीक्षा के लिए योग्य अभ्यर्थियों की छंटनी करना है। इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते।
  2. मुख्य परीक्षा (Mains Examination): यह लिखित (Descriptive) विवरणात्मक परीक्षा है। कुल 6 प्रश्नपत्रों में प्राप्त अंक ही अंतिम चयन मेरिट का निर्धारण करते हैं।
  3. साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण (Interview): 185 अंकों का यह चरण प्रशासनिक निर्णय क्षमता, संप्रेषण कौशल और दबाव में कार्य करने की योग्यता का मूल्यांकन करता है।

MPPSC प्रारंभिक परीक्षा (Pre) पैटर्न एवं विषय क्षेत्र

प्रारंभिक परीक्षा एक ही दिन में दो सत्रों में ओएमआर (OMR) शीट आधारित ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाती है।

प्रीलिम्स परीक्षा योजना

प्रश्नपत्रविषयप्रश्नों की संख्याकुल अंकसमयावधिमूल्यांकन की प्रकृति
पेपर Iसामान्य अध्ययन (GS)1002002 घंटेमेरिट निर्धारक (Mains के लिए कट-ऑफ इसी से तय होती है)
पेपर IIसामान्य अभिरुचि परीक्षण (CSAT)1002002 घंटेअर्हकारी (Qualifying – न्यूनतम 33% अंक अनिवार्य)

नियम: प्रशासनिक सेवाओं के चयन हेतु मुख्य परीक्षा की मेरिट सूची केवल पेपर-1 (सामान्य अध्ययन) के आधार पर बनती है।

पेपर-2 केवल क्वालिफाइंग है (अनुसूचित जाति/जनजाति/ओबीसी/दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 30% और सामान्य वर्ग के लिए 33%)। परीक्षा में नकारात्मक अंकन (Negative Marking) का प्रावधान आधिकारिक नियमों के अनुसार ही लागू होता है।

MPPSC Syllabus in Hindi PDF

प्रीलिम्स के प्रमुख विषय क्षेत्र :

  • मध्य प्रदेश विशेष (MP Special): मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति, प्रमुख राजवंश, साहित्य, भूगोल, नदियां, वन, खनिज, राज्य की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था, जनजातियां और कल्याणकारी योजनाएं। (पेपर-1 में 30 से 35% प्रश्न सीधे राज्य विशेष से संबंधित होते हैं)।
  • भारत का इतिहास: प्राचीन, मध्यकालीन और 19वीं-20वीं सदी का राष्ट्रीय आंदोलन।
  • भारत एवं विश्व का भूगोल: भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल।
  • भारतीय संविधान एवं शासन व्यवस्था: संविधान सभा, मौलिक अधिकार, राज्य के नीति निदेशक तत्व, संसद, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मध्य प्रदेश की 73वें व 74वें संशोधन के तहत त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था एवं राज्य की वित्तीय स्थिति: बजट, आर्थिक सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु, कृषि एवं औद्योगिक विकास।
  • विज्ञान, पर्यावरण एवं ICT: प्रारंभिक भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान, पारिस्थितिकी, कंप्यूटर, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), और साइबर सुरक्षा।

MPPSC मुख्य परीक्षा (Mains) 2026 पैटर्न

मुख्य परीक्षा कुल 1500 लिखित अंकों की होती है, जो 6 अलग-अलग अनिवार्य प्रश्नपत्रों में विभाजित है:

प्रश्नपत्रविषयपूर्णांकसमयावधिउत्तर लेखन माध्यम
पेपर Iसामान्य अध्ययन – I (इतिहास एवं भूगोल)3003 घंटेहिंदी / अंग्रेजी
पेपर IIसामान्य अध्ययन – II (राजनीति, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र)3003 घंटेहिंदी / अंग्रेजी
पेपर IIIसामान्य अध्ययन – III (विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जनस्वास्थ्य)3003 घंटेहिंदी / अंग्रेजी
पेपर IVसामान्य अध्ययन – IV (दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन)3003 घंटेहिंदी / अंग्रेजी
पेपर Vसामान्य हिंदी एवं व्याकरण2002 घंटेकेवल हिंदी
पेपर VIहिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन1002 घंटेकेवल हिंदी
  • कुल मुख्य परीक्षा अंक: 1500
  • साक्षात्कार अंक: 185
  • अंतिम मेरिट: 1685 अंकों में से निर्धारित की जाती है।

मुख्य परीक्षा: प्रश्नपत्र-1 (इतिहास एवं भूगोल) का यूनिट-वार पाठ्यक्रम

प्रश्नपत्र-1 कुल 300 अंकों का होता है, जो दो स्वतंत्र खंडों (Section A एवं Section B) में विभाजित है। प्रत्येक खंड 150 अंकों का है और प्रत्येक खंड में 5 इकाइयां (Units) निर्धारित हैं।

खंड ‘अ’ (Section A) : इतिहास (पूर्णांक: 150 अंक)

  • इकाई 1: भारतीय इतिहास (प्राचीन एवं मध्यकालीन)
    • आधिकारिक विषय: भारत का राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास — हड़प्पा सभ्यता से 10वीं शताब्दी ईस्वी तक; 11वीं से 18वीं शताब्दी तक सल्तनत और मुगल काल तथा उनका प्रशासनिक व सामाजिक-आर्थिक प्रभाव।
    • अध्ययन दृष्टिकोण: प्रमुख राजवंशों के प्रशासनिक ढांचे, कला-स्थापत्य और भू-राजस्व नीतियों पर संक्षिप्त तुलनात्मक नोट्स बनाएं।
  • इकाई 2: आधुनिक भारतीय इतिहास एवं स्वतंत्रता संग्राम
    • आधिकारिक विषय: ब्रिटिश शासन की स्थापना एवं विस्तार (प्लासी से 1857 तक), 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, ब्रिटिश नीतियों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, 19वीं सदी का पुनर्जागरण, राष्ट्रीय आंदोलन एवं उसका नेतृत्व, रियासतों का भारत में विलीनीकरण।
    • अध्ययन दृष्टिकोण: किसान व जनजातीय विद्रोहों, महत्वपूर्ण संवैधानिक विकासों और 1920–1947 के जन-आंदोलनों के कालक्रम को स्पष्ट रखें।
  • इकाई 3: मध्य प्रदेश का इतिहास एवं संस्कृति
    • आधिकारिक विषय: प्रागैतिहासिक काल से मध्य प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक घटनाक्रम; प्रमुख राजवंश — गर्दभिल्ल, नाग, कार्दमक, गुप्त, वाकाटक, मैत्रक, परमार, चंदेल, कलचुरी, तोमर, गोंड, होलकर, सिंधिया एवं भोपाल रियासत।
    • अध्ययन दृष्टिकोण: चंदेल, परमार और गोंडवाना शासनकाल के प्रमुख शासकों की सांस्कृतिक व स्थापत्य उपलब्धियों (मंदिर, बावड़ियां, किले) को सीधे बिंदुवार तैयार करें।
  • इकाई 4: मध्य प्रदेश की जनजातीय विरासत एवं स्वतंत्रता सेनानी
    • आधिकारिक विषय: मध्य प्रदेश में जनजातीय विद्रोह, स्वतंत्रता आंदोलन में राज्य के जननायकों का योगदान (बिरसा मुंडा, तांत्या भील, भीमा नायक, शंकर शाह, रघुनाथ शाह, रानी अवंतीबाई), मध्य प्रदेश की लोक कलाएं, साहित्य, पर्व एवं मेले।
    • अध्ययन दृष्टिकोण: जननायकों के व्यक्तिगत योगदान के साथ-साथ उनके कार्यक्षेत्र (मालवा, महाकौशल, निमाड़) का स्पष्ट संदर्भ उत्तरों में शामिल करें।
  • इकाई 5: मध्य प्रदेश की प्रमुख रियासतें
    • आधिकारिक विषय: गोंडवाना, बुंदेली, बघेली, होलकर, सिंधिया एवं भोपाल रियासत (प्रारंभ से स्वतंत्रता तक की प्रशासनिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्थिति)।
    • अध्ययन दृष्टिकोण: प्रत्येक रियासत की प्रशासनिक व्यवस्था, प्रमुख संधियां और उनके काल में हुए निर्माण कार्यों का अलग-अलग चार्ट बनाएं।

खंड ‘ब’ (Section B) : भूगोल (पूर्णांक: 150 अंक)

इकाई 1: भारत का भौतिक भूगोल

  • आधिकारिक विषय: प्रमुख भू-आकृतिक प्रदेश (हिमालय, प्रायद्वीपीय पठार, उत्तर का मैदान, तटीय मैदान), जलवायु, मानसून की उत्पत्ति व क्रियाविधि, प्रमुख नदियां, मिट्टी के प्रकार, प्राकृतिक वनस्पति।
  • अध्ययन दृष्टिकोण: भारत के भौतिक विभागों और मानसून तंत्र को केवल सिद्धांत तक सीमित न रखें; उत्तर में एक साधारण आउटलाइन मैप के साथ दर्शाने का अभ्यास करें।

इकाई 2: भारत के संसाधन एवं कृषि भूगोल

  • आधिकारिक विषय: प्रमुख खनिज एवं ऊर्जा संसाधन (कोयला, पेट्रोलियम, सौर ऊर्जा), प्रमुख फसलें, सिंचाई के साधन व बहुउद्देशीय परियोजनाएं, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, उद्योगों का स्थानिक वितरण।
  • अध्ययन दृष्टिकोण: प्रमुख औद्योगिक गलियारों और ऊर्जा परियोजनाओं के नवीनतम आंकड़ों के साथ उत्पादन क्षेत्रों को मैप पर याद रखें।

इकाई 3: मध्य प्रदेश का भूगोल

  • आधिकारिक विषय: मध्य प्रदेश के प्रमुख भू-आकृतिक विभाग (मालवा, नर्मदा घाटी, बुंदेलखंड आदि), अपवाह तंत्र (नर्मदा, चंबल, सोन, ताप्ती), जलवायु, मिट्टी, वन एवं वन्यजीव अभयारण्य।
  • अध्ययन दृष्टिकोण: राज्य के प्राकृतिक विभाजनों की मिट्टी, जलवायु और कृषि प्रारूप की तुलनात्मक तालिका तैयार करें।

इकाई 4: मध्य प्रदेश के संसाधन एवं उद्योग

  • आधिकारिक विषय: राज्य के प्रमुख खनिज (तांबा, हीरा, मैंगनीज, बॉक्साइट), ऊर्जा संसाधन, कृषि आधारित उद्योग, वन आधारित उद्योग, प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं और जल संसाधन प्रबंधन।
  • अध्ययन दृष्टिकोण: पन्ना-हीरा बेल्ट, मलांजखंड (तांबा), और भारवेली (मैंगनीज) जैसी प्रमुख खदानों के जिलेवार वितरण को चिन्हित करें।

इकाई 5: जल एवं आपदा प्रबंधन तथा उन्नत तकनीक

  • आधिकारिक विषय: भू-जल एवं जल संग्रहण तकनीकें, प्रमुख प्राकृतिक व मानव-निर्मित आपदाएं एवं उनका प्रबंधन, सुदूर संवेदन (Remote Sensing) के सिद्धांत, जीआईएस (GIS) एवं जीपीएस (GPS) के अनुप्रयोग।
  • अध्ययन दृष्टिकोण: रिमोट सेंसिंग और जीआईएस के सैद्धांतिक परिभाषाओं के स्थान पर उनके व्यावहारिक उपयोग (बाढ़ निगरानी, कृषि मैपिंग, संसाधन सर्वेक्षण) पर सीधे उत्तर तैयार करें।

अनुशंसित संदर्भ पुस्तकें

पुस्तकों का चयन सीमित और प्रामाणिक रखें ताकि बार-बार पुनरावलोकन संभव हो सके:

विषय क्षेत्रमानक पुस्तक / संदर्भउपयोग का उद्देश्य
मध्य प्रदेश समग्रमहावीर / पुणेकर (MP GK) या म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमीराज्य विशेष इतिहास, भूगोल एवं अर्थव्यवस्था
भारतीय राजव्यवस्थाएम. लक्ष्मीकांतप्रीलिम्स और मेन्स के संवैधानिक प्रावधानों के लिए
आधुनिक भारत का इतिहासस्पेक्ट्रम (राजीव अहीर)स्वतंत्रता आंदोलन एवं 1857 के उपरांत के घटनाक्रम
प्राचीन व मध्यकालीन भारतNCERT (कक्षा 11वीं – 12वीं)बुनियादी कालक्रम एवं सांस्कृतिक शब्दावली
भूगोलमहेश कुमार बरनवाल / 11वीं-12वीं NCERTभौतिक भूगोल के सिद्धांत एवं भारतीय मानचित्रण
सामान्य हिंदीडॉ. राघव प्रकाश / वासुदेव नंदन प्रसादव्याकरण, प्रशासनिक शब्दावली व संक्षेपण

चार चरणों वाला तैयारी रोडमैप

[चरण 1: आधार निर्माण] ──► आधार निर्माण (1-2 माह): पाठ्यक्रम की आधिकारिक प्रति का विश्लेषण करें। बुनियादी NCERT पुस्तकों का अध्ययन कर विषयों की मूलभूत शब्दावली स्पष्ट करें।

[चरण 2: मुख्य विषय + नोट्स] ──►मुख्य विषय एवं नोट्स निर्माण (3-4 माह): मानक संदर्भ पुस्तकों से मुख्य परीक्षा के पेपर 1 से 4 के यूनिट-वार नोट्स तैयार करें। मध्य प्रदेश के तथ्यों को अलग से संकलित करें।

[चरण 3: PYQ व उत्तर लेखन] ──► PYQ एवं उत्तर लेखन अभ्यास (2-3 माह): विगत 5 वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करें। निर्धारित समय-सीमा में उत्तर लिखने का अभ्यास करें ताकि शब्द-सीमा का उल्लंघन न हो।

[चरण 4: समेकित रिवीजन]
(सिलेबस + NCERT) (मानक पुस्तकें + MP GK) (मॉक टेस्ट + समय प्रबंधन) (शॉर्ट नोट्स + डायग्राम) नए स्रोतों से बचें। केवल स्वयं के बनाए गए संक्षिप्त नोट्स, मैप्स और फ्लोचार्ट्स का बार-बार दोहराव करें।

विषय-वार अध्ययन दृष्टिकोण (Paper II से VI)

  1. पेपर II (राजव्यवस्था, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र): भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद, सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख वाद (Judgments) और नीति आयोग व केंद्रीय/राज्य बजट की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर उत्तर लिखें। समाजशास्त्र वाले खंड में मध्य प्रदेश के सामाजिक जनसांख्यिकी सूचकांकों का प्रयोग करें।
  2. पेपर III (विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जनस्वास्थ्य): गणितीय और वैज्ञानिक नियमों को स्पष्ट सूत्रों व रेखाचित्रों से समझाएं। स्वास्थ्य योजनाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और संक्रामक/गैर-संक्रामक बीमारियों के रोकथाम उपायों पर तथ्यात्मक तैयारी रखें।
  3. पेपर IV (दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन): सुकरात, प्लेटो, कौटिल्य, कबीर, विवेकानंद और अंबेडकर जैसे विचारकों के मूल नैतिक विचारों को समझें। केस स्टडी हल करते समय विधिक नियमों, मानवीय संवेदनाओं और प्रशासनिक दायित्वों के बीच संतुलन बनाएं।
  4. पेपर V एवं VI (सामान्य हिंदी, निबंध व प्रारूप लेखन): वर्णमाला, संधि, समास, मुहावरे और प्रशासनिक पारिभाषिक शब्दावली का प्रतिदिन अभ्यास करें। निबंध लेखन के लिए समसामयिक सामाजिक, आर्थिक व वैज्ञानिक विषयों पर ठोस आंकड़ों की डायरी बनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. क्या MPPSC परीक्षा में इंटरव्यू के अंक अंतिम चयन को प्रभावित करते हैं?

हाँ। साक्षात्कार 185 अंकों का होता है। मुख्य परीक्षा के 1500 अंक और साक्षात्कार के 185 अंक मिलाकर कुल 1685 अंकों में से अंतिम चयन सूची (Merit List) तैयार की जाती है।

Q2. मेन्स के पेपर-1 में मैपिंग का उपयोग कितना महत्वपूर्ण है?

भूगोल (Section B) और मध्य प्रदेश के इतिहास (Section A) में साधारण रेखाचित्र और आउटलाइन मैप बनाकर पठार, नदियां, खनिज पेटियां या ऐतिहासिक स्थल दर्शाने से उत्तर अधिक प्रामाणिक और प्रभावशाली बनता है।

Q3. क्या मुख्य परीक्षा में सभी 6 पेपरों का माध्यम अलग-अलग चुना जा सकता है?

सामान्य अध्ययन के चारों प्रश्नपत्र (Paper I से IV) अभ्यर्थी अपनी इच्छानुसार हिंदी या अंग्रेजी माध्यम में दे सकते हैं। हालांकि, पेपर V (सामान्य हिंदी) और पेपर VI (हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन) अनिवार्य रूप से केवल हिंदी भाषा में ही लिखे जाने होते हैं।

Q4. प्रारंभिक परीक्षा के लिए कट-ऑफ का निर्धारण कैसे होता है?

प्रारंभिक परीक्षा की कट-ऑफ कुल उपलब्ध पदों की संख्या, परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के स्तर और प्रश्नपत्र के कठिनाई स्तर पर निर्भर करती है। राज्य सेवा के लिए कट-ऑफ केवल पेपर-1 (सामान्य अध्ययन) के 200 अंकों से बनती है।


लेखक: शुभम मिश्रा फाउंडर एवं लेखक – Bhartiprep.com

मैं शुभम मिश्रा, Bhartiprep.com का संस्थापक हूँ। पिछले 7+ वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर गाइडेंस के जरिए उम्मीदवारों की मदद कर रहा हूँ। मेरा मुख्य काम जटिल भर्ती नियमों, फॉर्म भरने के तरीकों, सिलेबस और सैलरी स्ट्रक्चर की बिल्कुल सटीक जानकारी आप तक पहुँचाना है, ताकि तैयारी में कोई कंफ्यूजन न रहे। किसी भी सवाल या अपडेट्स के लिए आप मुझसे WhatsApp पर जुड़ सकते हैं।

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