CG Sahkari Bank Syllabus 2026: विस्तृत एग्जाम पैटर्न, विषय-वार टॉपिक्स और प्रैक्टिकल तैयारी गाइड

Last updated on 03 Sep 2026, 07:03 PM IST by Shubham Mishra

छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (Apex Bank) और विभिन्न जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCB) में सहायक प्रबंधक, कनिष्ठ कार्यालय सहायक, सामान्य सहायक और उप-अंकेक्षक जैसे पदों के लिए आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा पारंपरिक बैंकिंग परीक्षाओं से काफी भिन्न है।

अधिकांश बैंकिंग परीक्षाओं (जैसे IBPS या SBI) में पज़ल्स, भारी डेटा इंटरप्रिटेशन और एडवांस इंग्लिश का दबदबा रहता है, जबकि छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा आयोजित इस परीक्षा का पूरा केंद्र छत्तीसगढ़ का स्थानीय परिवेश, छत्तीसगढ़ी भाषा और सहकारिता अधिनियम एवं बैंकिंग के नियम हैं।

यदि आप इस परीक्षा में बैठ रहे हैं, तो केवल सामान्य किताबों के भरोसे रहने के बजाय इसके दो-स्तरीय मूल्यांकन और विषय-वार अंक वितरण को समझकर शुरुआत करना जरूरी है।

सीजी सहकारी बैंक परीक्षा संरचना: अवलोकन

परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) द्वारा ऑफलाइन/ओएमआर आधारित वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रारूप में किया जाता है।

परीक्षा पहलूआधिकारिक विवरण
परीक्षा का नामCG Sahkari Bank (Apex Bank & DCCB) Recruitment Exam
संचालक संस्थाCG Vyapam (छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल)
पदसहायक प्रबंधक, सामान्य सहायक, कनिष्ठ कार्यालय सहायक, उप अंकेक्षक
प्रश्नों का प्रकारवस्तुनिष्ठ (Multiple Choice Questions – MCQs)
कुल प्रश्न / कुल अंक100 प्रश्न / 100 अंक
समय अवधि2 घंटे (120 मिनट)
मूल्यांकन नियमभाग-I में 50% अनिवार्य अर्हकारी अंक (Qualifying Rule)
आधिकारिक वेबसाइटvyapam.cgstate.gov.in

महत्वपूर्ण तथ्य: 100 प्रश्नों के लिए पूरे 120 मिनट मिलते हैं। इसका अर्थ यह है कि यहाँ समय की आपाधापी (Time Rush) नहीं होती, बल्कि असली परीक्षा आपकी ‘सटीक जानकारी’ और ‘नियमों की स्पष्ट समझ’ की होती है।

विस्तृत परीक्षा पैटर्न और योग्यता नियम की समझ

इस परीक्षा का सबसे संवेदनशील पहलू इसका दो भागों (Part-I और Part-II) में विभाजित होना है। कई अभ्यर्थी अच्छे अंक लाने के बावजूद केवल इसलिए बाहर हो जाते हैं क्योंकि वे भाग-I के अर्हकारी नियम को गंभीरता से नहीं लेते।

भागविषय वर्गप्रश्नों की संख्याकुल अंक
भाग – I1. छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान
2. छत्तीसगढ़ी भाषा का ज्ञान
10
10
10
10
भाग – II1. सहकारिता अधिनियम एवं बैंकिंग संबंधी ज्ञान
2. सामान्य ज्ञान (भारत)
3. गणित एवं तर्कशक्ति क्षमता
4. हिंदी भाषा का ज्ञान
5. अंग्रेजी भाषा का ज्ञान
6. कंप्यूटर संबंधी ज्ञान
25
10
10
10
10
15
25
10
10
10
10
15
कुल योगसभी 8 विषय मिलाकर100100

भाग-I का ‘Qualifying Rule’ क्या है

भाग-I में कुल 20 प्रश्न (20 अंक) होते हैं। नियमानुसार, अभ्यर्थी को इस भाग में कम से कम 50% अंक (अर्थात न्यूनतम 10 अंक) प्राप्त करना अनिवार्य है।

  • यदि किसी अभ्यर्थी के भाग-I में 10 से कम अंक आते हैं, तो उसके भाग-II की ओएमआर शीट का मूल्यांकन ही नहीं किया जाता।
  • इसलिए, तैयारी की शुरुआत में ही छत्तीसगढ़ी भाषा और राज्य के सामान्य ज्ञान को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है ताकि यह ‘फ़िल्टर’ आपकी राह न रोके।

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विषय-वार विस्तृत सिलेबस

भाग – I: स्थानीय ज्ञान एवं भाषा (20 अंक)

(A) छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान (10 अंक) :

  • इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन: प्राचीन एवं आधुनिक इतिहास, क्षेत्रीय राजवंश (विशेषकर कलचुरी, काकतीय और छिंदक नागवंश), 1857 की क्रांति, राष्ट्रीय आंदोलन और छत्तीसगढ़ के प्रमुख जंगल सत्याग्रह।
  • भूगोल एवं संसाधन: प्राकृतिक एवं भौतिक विभाजन, अपवाह तंत्र (महानदी, गोदावरी बेसिन आदि), मिट्टी, जलवायु, वन संपदा और खनिज संसाधन (कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर)।
  • कला, संस्कृति एवं जनजातियां: प्रमुख जनजातियां (विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजातियां – PVTGs), लोक नृत्य (पंथी, रऊत नाचा, करमा, सुआ), पारंपरिक लोक पर्व, प्रमुख पुरातात्विक व पर्यटन केंद्र।
  • प्रशासनिक व आर्थिक ढांचा: राज्य का प्रशासनिक स्वरूप, पंचायती राज व्यवस्था, स्थानीय स्वशासन, राज्य बजट व कृषि आधारित योजनाएं।

(B) छत्तीसगढ़ी भाषा का ज्ञान (10 अंक) :

  • व्याकरण: छत्तीसगढ़ी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, कारक रचना, काल और लिंग निर्धारण के नियम।
  • शब्दावली: दैनिक बोलचाल के ठेठ शब्द, प्रशासनिक शब्दावली, पर्यायवाची, विलोम शब्द।
  • लोक साहित्य एवं अभिव्यक्ति: छत्तीसगढ़ी हाना (लोकोक्तियां), जनऊला (पहेलियां) और मुहावरे।
  • तैयारी इनसाइट: हाना और जनऊला पढ़ते समय केवल प्रचलित कहावतें न देखें; व्यापम अक्सर ग्रामीण कृषि-जीवन, घरेलू औजारों और पशुपालन से जुड़े ठेठ स्थानीय मुहावरे पूछता है।
CG Sahkari Bank Syllabus

भाग – II: मुख्य विषय एवं तकनीकी ज्ञान (80 अंक)

(A) सहकारिता अधिनियम एवं बैंकिंग संबंधी ज्ञान (25 अंक)

यह पूरे पेपर का 25% हिस्सा कवर करने वाला सबसे निर्णायक खंड है।

  • छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 एवं नियम 1962:
    • सहकारी समितियों के पंजीकरण की कानूनी प्रक्रिया
    • राज्य में त्रिस्तरीय अल्पकालीन सहकारी साख संरचना (Apex Bank → DCCB → PACS)
    • समितियों का प्रबंधन, सदस्यों के विधिक अधिकार, कर्तव्य और देनदारियां
    • अंकेक्षण (Audit), जांच, निरीक्षण और सुपरविजन के प्रावधान
    • परिसमापन (Liquidation) और विवाद निपटारा प्रक्रिया
    • छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी अधिकरण (Tribunal) की संरचना व शक्तियां
  • बैंकिंग विनियमन व वित्तीय कार्यप्रणाली:
    • बैंकिंग नियमन अधिनियम 1949 (Banking Regulation Act) के वे प्रावधान जो सहकारी बैंकों पर लागू होते हैं
    • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) तथा नाबार्ड (NABARD) की विकासात्मक व नियामक भूमिका
    • बैंक जमा खाते, ऋण योजनाएं और गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA) के मानक
    • केवाईसी (KYC) प्रक्रिया और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियम
    • बैलेंस शीट व लाभ-हानि खाते के बुनियादी घटक

(B) कंप्यूटर संबंधी ज्ञान (15 अंक)

  • कंप्यूटर का इतिहास, आर्किटेक्चर, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के मूल सिद्धांत।
  • इनपुट व आउटपुट डिवाइसेस (विशेषकर प्रिंटर के प्रकार: लेज़र, इंकजेट, डॉट मैट्रिक्स और उनकी कार्यप्रणाली)।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम: विंडोज (MS Windows), लिनक्स और डॉस (DOS) की बुनियादी कमांड्स।
  • एमएस ऑफिस सुइट (MS Word, MS Excel, MS PowerPoint) और प्रमुख शॉर्टकट कीज।
  • इंटरनेट कार्यप्रणाली, सर्च इंजन, वेब ब्राउज़र, ईमेल प्रोटोकॉल।
  • साइबर सुरक्षा: कंप्यूटर वायरस के प्रकार, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर, फ़ायरवॉल और डेटा सुरक्षा।

(C) सामान्य ज्ञान – भारत (10 अंक)

  • भारतीय इतिहास व राष्ट्रीय आंदोलन के प्रमुख पड़ाव।
  • भारत का भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल।
  • भारतीय संविधान: प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व और संसदीय प्रणाली।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग क्षेत्र का विकास और समसामयिक घटनाएं (Current Affairs)।
  • सामान्य विज्ञान (दैनिक जीवन में प्रयुक्त भौतिकी, रसायन व जीव विज्ञान)।

(D) गणित एवं तर्कशक्ति क्षमता (10 अंक)

  • गणित: संख्या पद्धति (Number System), वर्गमूल व घनमूल, HCF एवं LCM, भिन्न, प्रतिशत, लाभ-हानि, औसत, अनुपात-समानुपात, साधारण व चक्रवृद्धि ब्याज, समय और कार्य, समय और दूरी।
  • रीजनिंग: कोडिंग-डिकोडिंग, दिशा परीक्षण, रक्त संबंध (Blood Relations), श्रृंखला (Series), सादृश्यता (Analogy) और गैर-शाब्दिक (Non-Verbal) आकृतियाँ।
  • तैयारी इनसाइट: व्यापम के पुराने पेपर्स बताते हैं कि 10 अंकों के लिए एडवांस मैथ्स (Trigonometry/Geometry) में समय गंवाना समझदारी नहीं है। केवल बेसिक अंकगणित (प्रतिशत, औसत, अनुपात) मजबूत करने से ही अधिकांश प्रश्न हल हो जाते हैं।

(E) सामान्य हिंदी भाषा (10 अंक)

  • वर्ण विचार: स्वर, व्यंजन और वर्तनी शुद्धि।
  • शब्द रचना: संधि (स्वर, व्यंजन, विसर्ग) तथा समास के भेद।
  • शब्द प्रकार: तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द।
  • शब्द भंडार: पर्यायवाची, विलोम, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, मुहावरे और अशुद्ध वाक्य संशोधन।

(F) सामान्य अंग्रेजी भाषा (10 अंक)

  • व्याकरण: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रियाविशेषण, पूर्वसर्ग, संयोजक।
  • काल और वाक्य सुधार।
  • सक्रिय और निष्क्रिय वाच्य; प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष वाच्य।
  • शब्दावली: समानार्थी शब्द, विलोम शब्द, एक-शब्द प्रतिस्थापन, मुहावरे और वाक्यांश, वर्तनी त्रुटियाँ।
  • समझ के लिए प्रश्नपत्र।

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संदर्भ अध्ययन सामग्री का सही उपयोग

जेनेरिक किताबों के ढेर लगाने के बजाय यह समझना जरूरी है कि किस किताब से कितना पढ़ना है:

सहकारिता अधिनियम व नियम (Bare Act PDF):

  • उपयोग रणनीति: निजी गाइड बुक्स में कई बार नियमों के पुराने संशोधन छपे रह जाते हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ सहकारिता विभाग की वेबसाइट से ‘Bare Act 1960’ का मूल पीडीएफ निकालें। केवल धारा 9-10 (पंजीयन), धारा 19-20 (सदस्यता), और धारा 58-60 (अंकेक्षण) को मार्क करके पढ़ें।

छत्तीसगढ़ी व्याकरण एवं शब्दकोश (डॉ. चितरंजन कर / डॉ. रमेशचंद्र महरोत्रा):

  • उपयोग रणनीति: पूरी किताब पढ़ने के बजाय केवल क्रिया रूपों, सर्वनाम (मोर, तोर, हमर) और जनऊला (पहेलियां) वाले अध्यायों पर ध्यान दें।

सामान्य हिंदी (डॉ. वासुदेवनंदन प्रसाद या समान मानक व्याकरण):

  • उपयोग रणनीति: पूरी किताब के बजाय केवल संधि, समास, तत्सम-तद्भव और अशुद्धि शोधन के 5-6 मुख्य अध्यायों का ही अभ्यास करें। इस परीक्षा में 10 में से 7-8 प्रश्न सीधे इन्हीं चार टॉपिक से आते हैं।

कंप्यूटर अवेयरनेस (परीक्षा मंथन या अरिहंत):

  • उपयोग रणनीति: थ्योरी पढ़ने के बाद चैप्टर के पीछे दिए गए पुराने व्यापम प्रश्नों को हल करें। विशेष रूप से प्रिंटर के प्रकार, एमएस एक्सेल के शॉर्टकट और वायरस/एंटीवायरस के नामों की एक अलग टेबल बना लें।

तैयारी की व्यावहारिक रणनीति और आम गलतियों से बचाव

  1. भाग-I को अंत के लिए न छोड़ें: कई अभ्यर्थी सहकारिता और गणित में उलझे रहते हैं और छत्तीसगढ़ी भाषा को हल्के में लेते हैं। याद रखें, यदि भाग-I में 10 से कम अंक आए, तो बाकी 80 अंकों की मेहनत व्यर्थ हो जाएगी।
  2. सहकारिता को रटने के बजाय फ्लोचार्ट से समझें: राज्य स्तर पर अपेक्स बैंक, जिला स्तर पर DCCB और ग्राम स्तर पर प्राथमिक कृषि साख समितियां (PACS) कैसे काम करती हैं और इनके बीच ऋण का प्रवाह (Credit Flow) कैसे होता है, इसका एक पन्ने का आरेख बनाएं। जब संरचना दिमाग में बैठ जाएगी, तो धाराएं आसानी से याद होंगी।
  3. बैंकिंग के भारी पज़ल्स से बचें: यह भर्ती सहकारी बैंक की अवश्य है, लेकिन इसका पेपर व्यापम ले रहा है। यहाँ आईबीपीएस जैसे पन्ने-भर लंबे पज़ल्स या कठिन सिटिंग अरेंजमेंट नहीं पूछे जाते। अपना ध्यान कॉन्सेप्ट और डायरेक्ट फॉर्मूलों पर ही रखें।

छात्रों के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. सहकारिता अधिनियम के लिए क्या मुझे पूरा कानून शब्द-दर-शब्द रटना पड़ेगा?

समाधान: बिल्कुल नहीं। व्यापम कभी भी पूरा कानून हूबहू नहीं पूछता। आपका मुख्य ध्यान तीन चीज़ों पर होना चाहिए: समितियों का पंजीयन कौन करता है, विवाद होने पर मामला रजिस्ट्रार के पास जाएगा या ट्रिब्यूनल के पास, और अंकेक्षण (ऑडिट) कितने समय में पूरा होना चाहिए। इन प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समय-सीमा और पदनाम ही परीक्षा में पूछे जाते हैं।

Q. क्या भाग-I में 10 अंक लाने के बाद उसके नंबर मेरिट में जुड़ते हैं?

समाधान: हाँ, भाग-I केवल पास करने के लिए नहीं है, बल्कि उसके 20 अंक आपकी अंतिम मेरिट लिस्ट में जुड़ते हैं। 10 अंक केवल न्यूनतम अहर्ता (Threshold) है; यदि आप यहाँ 16-17 अंक ले आते हैं, तो यह आपको अंतिम चयन में भारी बढ़त दिलाता है।

Q. गणित कमजोर होने पर क्या इस परीक्षा में चयन संभव है?

समाधान: बिल्कुल संभव है। पूरे 100 अंकों के पेपर में गणित और रीजनिंग का कुल वेटेज मात्र 10 अंक है। यदि आपका बेसिक अंकगणित औसत भी है, तब भी आप सहकारिता (25 अंक), कंप्यूटर (15 अंक), और भाग-I (20 अंक) के दम पर बहुत बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं।

Q. परीक्षा हॉल में 120 मिनट को कैसे बांटना चाहिए?

समाधान: चूंकि गणित-रीजनिंग के केवल 10 प्रश्न हैं, इसलिए पेपर में समय की कमी नहीं होगी। पहले 40 मिनट में भाग-I और सहकारिता के तथ्यात्मक प्रश्न निपटाएं, अगले 30 मिनट कंप्यूटर व भाषाओं को दें, और अंतिम समय गणित व ओएमआर री-चेकिंग के लिए रखें।

लेखक: शुभम मिश्रा फाउंडर एवं लेखक – Bhartiprep.com

मैं शुभम मिश्रा, Bhartiprep.com का संस्थापक हूँ। पिछले 7+ वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर गाइडेंस के जरिए उम्मीदवारों की मदद कर रहा हूँ। मेरा मुख्य काम जटिल भर्ती नियमों, फॉर्म भरने के तरीकों, सिलेबस और सैलरी स्ट्रक्चर की बिल्कुल सटीक जानकारी आप तक पहुँचाना है, ताकि तैयारी में कोई कंफ्यूजन न रहे। किसी भी सवाल या अपडेट्स के लिए आप मुझसे WhatsApp पर जुड़ सकते हैं।

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